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11 January 2015

रोमियों 12:1-5




रोमियों 12:1-5
 Roman 12:1-5

परमेश्वर इस वचन के अनुसार हमें कहते हैं कि हम अपने मन को स्थिर करें। सांसारिक गतिविधियों के अनुसार अपने आप को ढालना बंद करें। मन को जाँचें परखें और नयी दिशा दें। नयी सोच समझ के साथ परमेश्वर कि योजना मे सहभागी बनें।
कोई अपने आप को बढ़ कर ना समझें और न ही अधिक बुद्धिमान समझे, वरन परमेश्वर के वचनो के अनुसार चलनेवाले और आज्ञा मानने वाले बनें।

जिस प्रकार हमारे शरीर के हर अंग एक जैसे काम नही करते, वैसे ही हर एक मनुष्य के मन और विचार अलग हैं, पर हमें विभिन्नता में भी एक साथ परमेश्वर पर बनें रहना है, जैसे हमारे शरीर के विभिन्न अंग एक-दूसरे से जुड़े हुवे हैं। 

 परमेश्वर इस छोटी शिक्षा पर बहुतायत से आशीष दे 

॥ आमीन ॥